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वन विभाग की टूटी नींद,भूमि कराई कब्जा मुक्त

आखिर कहां गई ट्रैक्टर ट्राली और क्रेन कहीं मोटा फीलगुड तो नहीं,,रामोद कुमार

 

वन विभाग की सौ बीघा जमीन पर भू माफियाओं कर रहे खेती

भू माफियाओं से वनविभाग ने 50 बीघा जमीन कराई कब्जा मुक्त

वन विभाग की जंगल झाड़ी वाली अराजी पर काफी वर्षों से है अवैध कब्जा

 

बिजनौर।नजीबाबाद माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार मिटाना का काम कर रहे हैं वही पर्यावरण को बचाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च करके पेड़ लगाने का कार्य उत्तर प्रदेश सरकार करती है तो वही उनके कुछ अधिकारी उनके आदेशों को पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। आपको बताते चलें कि कौड़िया वन क्षेत्र मैं अवैध तरीके से भू माफियाओं ने कई सौ बीघा जमीन वन विभाग की भूमि तोड़कर उसमें खेती करने का कार्य कर रहे थे जिसे आज भू माफियाओं से वन कर्मचारियों ने लगभग 50 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई गई। आपको बताते चलें की भारतीय किसान यूनियन भानु के जिला मीडिया प्रभारी रामोद कुमार ने फॉरेस्ट अधिकारी नजीबाबाद मनोज कुमार को उक्त विषय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि खसरा नंबर 93/7 मौजा ढकीया बाबन सराय वन क्षेत्र कोडिया रेंज तहसील नगीना कुल क्षेत्र आराजी 36.1580हे० हैं नागेंद्र उर्फ नागी पुत्र सीताराम भारद्वाज निवासी ग्राम बावन सराय (ढकिया) थाना नगीना देहात में वन विभाग की जंगल झाड़ी वाली अराजी पर काफी वर्षों से अवैध कब्जा कर रखा था। सूत्रों ने बताया कि यह लोग भू- माफिया है। और अवैध खनन का कार्य भी करते रहते हैं इनका क्षेत्र में बहुत आतंक है गरीब जनता भी इनके आतंक से परेशान हैं। तहसील नगीना के कर्मचारी व अधिकारीगण इनसे हमराज हैं। और क्षेत्रीय अधिकारियों ने कभी भी वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने का प्रयास नहीं किया। जिससे भूमाफियाओं के हौसले और बुलंद होते गए। और भू माफियाओं से संबंधित अधिकारी नाजायज तरीके से लाखों रुपए वसूलते रहे हैं। और क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि पवन सिंह पुत्र स्वर्गीय यशपाल सिंह चौधरी निवासी ग्राम बल्लूपुर केंट रोड उत्तराखंड देहरादून से हमसाज होकर उक्त अराजी पर कब्जा करा कर नींबू,आम के पेड़ लगाकर चारों तरफ से तार बाउंड्री करा दी थी तथा जो वन विभाग द्वारा पेड़ खेर व सागौन और सिमबल एव वन्य प्रजाति के लगाए गए थे उन्हें नष्ट कर दिया गया था। जिनमें से 5/6 पेड़ कई वर्ष पुराने सिमबल के खड़े हुय थे।जिन्हें भू माफियाओ द्वारा किसी ठेकेटर को बेच कर दिन के समय में कटवा दिए थे जिसकी सुचना किसानो ने अधिकारियो को दी जिसमे वन रेंजर राममुसाफिर यादव ने अपना पला झाड़ते हुय बताया की पेड़ किसान के हैं किसान के खेत में खड़े है। उसका वन विभाग से कोई मतलब नही है क्षेत्रीय किसानों द्वारा यह सूचना मीडिया कर्मियों को दी गयी। और कई समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई तो वन विभाग के अधिकारियो ने मौके पर जाकर जा कर जांच पड़ताल की तो पता लगा कि वह पेड़ जंगलात के हैं और भूमि भी जंगलात की है। ठेकेदार द्वारा काटे गए पेड़ रात्रि के समय में क्रेन बुलाकर ट्रैक्टर ट्राली मैं कटे हुए पेड़ भरवाए गए थे। क्रेन का नंबर UK15C9815 पंजीकृत है। जिसको लेकर आज वन विभाग के अधिकारियों ने वन विभाग की भूमि को जेसीबी द्वारा कब्जा मुक्त कराई।

क्रेन और लकड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्राली आखिर कहां:रामोद

क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा क्रेन और लकड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्राली अधिकारियों द्वारा बरामद नहीं की गई कहीं मोटा फील गुड तो नहीं।

विकास अग्रवाल संपादक बिजनौर केसरी

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